
CG MEDIA TV: छत्तीसगढ़ और पूरे देश के लोक कला जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ की शान, पद्म विभूषण से सम्मानित और पंडवानी की विश्व प्रसिद्ध गायिका तीजन बाई अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन से लोक संगीत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई है।
“पंडवानी को विश्व भर में पहचान दिलाने वाली तीजन बाई ने आज अंतिम सांस ली। अपनी ओजस्वी आवाज और अनोखे अंदाज में महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत करने वाली तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की लोक कला को संरक्षित किया, बल्कि उसे वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है, जिसकी भरपाई नामुमकिन है।”

तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई के पास गनियारी गांव में हुआ था। उन्होंने न केवल अपने गायन से लोगों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि उन्होंने यह साबित किया कि कला किसी दायरे की मोहताज नहीं होती। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया था। विदेशों में भी उनकी कला का लोहा माना गया।

सोशल मीडिया और विभिन्न राजनीतिक एवं सांस्कृतिक मंचों पर श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और कला जगत के दिग्गजों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका जाना कला संस्कृति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।




