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भक्तिमय हुई सरसीवा की शाम: नेत्रहीन कलाकारों ने ‘जीवन नेत्रहीन भजन संध्या’ में बिखेरा सुरों का जादू

सरसीवा | 05 फरवरी 2026 नगर के हृदय स्थल में आज एक ऐसी शाम सजी जिसने न केवल कानों में रस घोला, बल्कि लोगों के दिलों को भी झकझोर दिया। ‘जीवन नेत्रहीन भजन संध्या’ के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में नेत्रहीन कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से समां बांध दिया।
छह वर्षों का अटूट सफर इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक जित्तू कछवाहा ने बताया कि यह मंडली पिछले 6 वर्षों से लगातार देश-प्रदेश के विभिन्न कोनों में घूम-घूम कर अपनी कला का प्रदर्शन कर रही है। इन कलाकारों ने यह साबित कर दिया है कि दृष्टिभान होने के बावजूद, कला और ईश्वर की भक्ति के लिए मन की आंखों का होना ही काफी है।


मंच पर सजी सुरों की महफिल कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद सभी कलाकार दृष्टिबाधित थे, लेकिन उनके हुनर ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक निक्कू जना लक्ष्मी जी एवं पदंबरी जी जिनकी मधुर आवाज ने पंडाल में भक्ति का संचार किया वादक कलाकार भीमसेन और कृष्णा परतु जी
इन कलाकारों की जुगलबंदी ने भजनों की ऐसी अमृत वर्षा की कि श्रोता देर रात तक अपनी जगहों पर जमे रहे। आयोजक जित्तू कछवाहा का कहना है कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इन प्रतिभाशाली कलाकारों को एक सम्मानजनक मंच प्रदान करना और समाज को यह संदेश देना है कि शारीरिक बाधाएं कभी भी प्रतिभा का रास्ता नहीं रोक सकतीं। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय नागरिकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनके जज्बे को सलाम किया।

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