
CG MEDIA TV:छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले से किसानों के शोषण की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सेवा सहकारी समिति चिसदा में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि समिति प्रबंधक अशोक साहू की मिलीभगत से न केवल किसानों से अतिरिक्त धान लिया जा रहा है, बल्कि प्रति बोरी अवैध नगद वसूली भी की जा रही है। आइए देखते हैं यह विशेष रिपोर्ट।

सक्ति जिले का चिसदा धान खरीदी केंद्र इन दिनों विवादों के घेरे में है। अन्नदाता, जो अपनी मेहनत की फसल लेकर केंद्र पहुंच रहा है, उसे यहाँ भ्रष्टाचार की मार झेलनी पड़ रही है। किसानों का सीधा आरोप है कि समिति प्रबंधक अशोक साहू की नाक के नीचे प्रत्येक बोरी में 500 से 700 ग्राम अतिरिक्त धान की अवैध वसूली की जा रही है।

और मामला यहीं खत्म नहीं होता। केंद्र में ‘अवैध वसूली’ का एक और नया पैंतरा अपनाया गया है। किसानों ने बताया कि प्रबंधक ने केंद्र में अलग से निजी आदमी रखे हैं। ये लोग धान पलटने और बोरी में भरने के नाम पर किसानों से प्रति बोरी 5 रुपये की जबरन वसूली कर रहे हैं। जबकि सरकारी नियमानुसार, केंद्र में हम्माली और रखरखाव का पूरा काम समिति प्रबंधन का होता है और इसके लिए शासन द्वारा राशि निर्धारित है।
वही हमारी मीडिया टीम को किसानो ने बताया कि हमसे हर बोरी में ज्यादा धान तौला जा रहा है और ऊपर से 5 रुपये अलग से मांगे जा रहे हैं, मना करने पर धान नहीं खरीदने की धमकी दी जाती है।”
हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद प्रबंधक अशोक साहू के संरक्षण में यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
जिला प्रशासन से इस भारी भ्रष्टाचार की जांच कर
अब देखना यह होगा कि क्या सक्ति जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग इन आरोपों पर संज्ञान लेता है? क्या चिसदा के किसानों को उनके हक का पूरा पैसा मिलेगा या प्रबंधक की मनमानी यूं ही जारी रहेगी?



